चंदौली। सहरोई गांव स्थित हनुमान मंदिर प्रांगण में चल रही श्री राम कथा के तीसरे दिन फुलवारी प्रसंग और महर्षि विश्वामित्र के आगमन की कथा सुनकर श्रोता भावविभोर हो गए। पूरा पंडाल जय श्री राम के जयकारों से गूंज उठा।

तीसरे दिन कथावाचक पंडित नीरजा नंद शास्त्री ने बताया कि कैसे महर्षि विश्वामित्र यज्ञ की रक्षा के लिए अयोध्या पहुंचे और राजा दशरथ से राम-लक्ष्मण को अपने साथ ले जाने की मांग की। राजा दशरथ के मोह और गुरु वशिष्ठ के समझाने के बाद राम-लक्ष्मण विश्वामित्र जी के साथ वन को गए।

इसके बाद फुलवारी का सुंदर प्रसंग सुनाया गया। फुलवारी में प्रभु श्री राम और माता सीता का प्रथम दर्शन हुआ। कथावाचक ने कहा कि फुलवारी केवल फूलों की बगिया नहीं, बल्कि प्रेम, मर्यादा और दिव्य मिलन का प्रतीक है। जैसे ही इस प्रसंग का वर्णन आया, श्रद्धालु भजन-कीर्तन पर झूम उठे। कथावाचक ने कहा कि जहां गुरु का आदेश है, वहां राम की मर्यादा है। राम ने गुरु की आज्ञा को ही सबसे बड़ा धर्म माना।

इस पावन आयोजन के मुख्य यजमान समाजसेवी राहुल मिश्रा हैं। मंच का संचालन महानंद मिश्रा द्वारा किया जा रहा है। मीडिया ट्रस्ट ऑफ इंडिया के जिला अध्यक्ष मनोज कुमार मिश्रा वरिष्ठ पदाधिकारी श्री बृक्ष बंधु डॉक्टर परशुराम सिंह, श्री केसी श्रीवास्तव, श्री आयुष पाठक,रामयश चौबे, श्री मिथिलेश गुप्ता, श्री अनिल दुबे , श्री विजय कुमार राय, श्री राहुल, डॉक्टर ए०के पांडेय,डॉक्टर अभिषेक पांडेय, श्री अंजनी नंदन पांडेय, दर्जनों पदाधिकारी सहित समस्त ग्रामवासियों का विशेष सहयोग रहा। रोज आरती के बाद प्रसाद वितरण हो रहा है।यह कथा प्रतिदिन सायं 6 बजे से रात्रि 9 बजे तक हनुमान मंदिर प्रांगण, सहरोई में चलेगी। आने वाले दिनों में धनुष यज्ञ, सीता स्वयंवर, भरत मिलाप जैसे दिव्य प्रसंग सुनने को मिलेंगे।