चकिया,चंदौली।
चंदौली जनपद के चकिया विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम रामगढ़ बदउर में सड़क निर्माण की मांग को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश देखने को मिल रहा है। गांव की बदहाल सड़क और आवागमन की समस्या को लेकर ग्रामीणों ने एकजुट होकर अपनी आवाज बुलंद की है। ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम प्रधान अखिलेश मिश्रा उर्फ चंदन मिश्रा के लगभग 10 वर्षों के कार्यकाल के बावजूद गांव में सड़क का निर्माण नहीं कराया जा सका। लंबे समय से सड़क निर्माण की उम्मीद लगाए बैठे ग्रामीण आज भी मूलभूत सुविधा के लिए इंतजार कर रहे हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि गांव में सड़क की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण प्रतिदिन लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। खासकर बरसात के दिनों में रास्तों की स्थिति और भी खराब हो जाती है, जिससे पैदल चलना तक मुश्किल हो जाता है। गांव के बच्चों को स्कूल आने-जाने में परेशानी होती है, वहीं बुजुर्गों, महिलाओं और बीमार लोगों के लिए आवागमन किसी चुनौती से कम नहीं है। ग्रामीणों के अनुसार, सड़क जैसी बुनियादी सुविधा के अभाव में गांव के लोगों को अनावश्यक कठिनाइयां झेलनी पड़ रही हैं।
इसी समस्या को लेकर पीड़ित ग्रामीण यशवंत सिंह यादव, अंकित यादव और अभिषेक यादव सहित अन्य ग्रामीणों ने अपनी पीड़ा जाहिर करते हुए जिम्मेदारों से सड़क निर्माण की मांग की। ग्रामीणों का कहना है कि गांव के विकास के लिए सड़क सबसे महत्वपूर्ण बुनियादी सुविधाओं में से एक है। जब तक गांव में बेहतर सड़क नहीं होगी, तब तक आम लोगों को आवागमन से जुड़ी समस्याओं से पूरी तरह राहत नहीं मिल सकती।
ग्रामीणों ने प्रशासन और संबंधित विभाग के अधिकारियों से मांग की है कि ग्राम रामगढ़ बदउर की सड़क का स्थलीय निरीक्षण कराया जाए और निर्माण कार्य के लिए आवश्यक कार्रवाई करते हुए जल्द से जल्द सड़क बनवाई जाए। ग्रामीणों का कहना है कि विकास के दावों के बीच गांव की जमीनी हकीकत भी देखी जानी चाहिए, ताकि लोगों को केवल आश्वासन नहीं बल्कि धरातल पर सुविधाओं का लाभ मिल सके।
अब उठ रहे हैं कई सवाल
सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि ग्रामीणों की समस्या लंबे समय से बनी हुई है तो अब तक सड़क निर्माण की दिशा में ठोस पहल क्यों नहीं हुई? क्या संबंधित विभाग और जनप्रतिनिधियों को गांव की इस समस्या की जानकारी नहीं है? लगभग 10 वर्षों के कार्यकाल के बाद भी सड़क निर्माण नहीं होने के ग्रामीणों के आरोपों पर ग्राम प्रधान और संबंधित विभाग क्या जवाब देंगे?
फिलहाल ग्रामीणों को उम्मीद है कि उनकी आवाज जिम्मेदार अधिकारियों तक पहुंचेगी और जल्द ही सड़क निर्माण की दिशा में ठोस कदम उठाया जाएगा। अब देखना यह होगा कि प्रशासन ग्रामीणों की इस मांग पर कब संज्ञान लेता है और रामगढ़ बदउर के लोगों को बदहाल रास्तों से कब निजात मिलती है।