चहनीया- बलुआ थाना क्षेत्र के बलुआ कस्बा स्थित निषाद बस्ती में मंगलवार को दिल दहला देने वाला हादसा हो गया। घरों की साफ-सफाई के लिए मिट्टी खोद रही दो महिलाएं अचानक गिरे मिट्टी के टीले के नीचे दब गईं। इस हादसे में 54 वर्षीय महिला की मौत हो गई, जबकि दूसरी महिला गंभीर रूप से घायल हो गई, जिसे बेहतर इलाज के लिए बीएचयू ट्रामा सेंटर रेफर किया गया है। घटना के बाद से पूरे गांव में मातम और कोहराम मचा हुआ है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, बलुआ कस्बा की निषाद बस्ती निवासी तेतरा देवी (54) पत्नी छोटन निषाद और लक्ष्मीना देवी (36) पत्नी स्व. भोनू निषाद घरों की साफ-सफाई के लिए पास ही गंगा किनारे बंजर जमीन से मिट्टी की खुदाई कर रही थीं। इसी दौरान अचानक मिट्टी का टीला भरभरा कर ढह गया और दोनों महिलाएं मलबे के नीचे दब गईं।
महिलाओं की चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग तुरंत दौड़कर मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने साहस दिखाते हुए मिट्टी का मलबा हटाया और दोनों महिलाओं को बाहर निकालकर तत्काल स्थानीय चिकित्सकों के पहुंचाया।
परीक्षण के बाद चिकित्सकों ने 54 वर्षीय तेतरा देवी को मृत घोषित कर दिया। वहीं, गंभीर रूप से घायल लक्ष्मीना देवी के एक पैर की हड्डी फ्रैक्चर हो गई है और कमर में गंभीर चोट आई है। उनकी नाजुक स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें बीएचयू स्थित ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया है।
इस अचानक हुई दुर्घटना से परिवारों में कोहराम मच गया है। मृतका तेतरा देवी: उनके परिवार में तीन बेटे—नीरज, धीरज, रवि और एक पुत्री सोनी निषाद हैं, जिनका रो-रोकर बुरा हाल है।
घायल लक्ष्मीना देवी इनके पति भोनू निषाद का निधन महज 8 महीने पहले ही हुआ था। लक्ष्मीना देवी के पास तीन छोटे-छोटे बच्चे हैं और वह पूरी तरह बेसहारा हैं। इस दुर्घटना से उनके परिवार पर विपत्ति का बड़ा पहाड़ टूट पड़ा है।
घटना की सूचना मिलते ही बलुआ थाना अध्यक्ष संतोष कुमार सिंह और क्षेत्रीय लेखपाल सतीश सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। इस संबंध में बलुआ थाना प्रभारी संतोष कुमार सिंह ने बताया कि पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई पूरी करते हुए शव का पंचनामा कर दिया है और शव परिजनों को सौंप दिया गया है।