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  • Trending चार साल से न्याय की गुहार लगा रहे संजय मौर्य, बैंक ऑफ बड़ौदा की कैथी शाखा पर गंभीर आरोप
  • SANJAY KUMAR MAURYA - 21 Oct 2026

अटल पेंशन योजना बंद होने से आर्थिक नुकसान का दावा, पत्नी के साथ कथित दुर्व्यवहार की जांच और निष्पक्ष कार्रवाई की मांग

कैथी, चंदौली। निष्पक्ष धारा से जुड़े पत्रकार संजय कुमार मौर्य ने बैंक ऑफ बड़ौदा की कैथी शाखा के प्रबंधक एवं फील्ड ऑफिसर पर गंभीर आरोप लगाते हुए न्याय की गुहार लगाई है। उनका कहना है कि पिछले चार वर्षों से वह बैंक के उच्चाधिकारियों को लगातार प्रार्थना पत्र देकर अपनी शिकायत पर निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक उन्हें न्याय नहीं मिल पाया है।

संजय मौर्य के मुताबिक, उनके खाते से पिछले 10 से 11 वर्षों तक अटल पेंशन योजना के तहत प्रतिमाह 577 रुपये की कटौती होती रही। उन्होंने अपने भविष्य और बुढ़ापे को सुरक्षित करने के उद्देश्य से यह योजना शुरू कराई थी। उनका दावा है कि इस योजना के माध्यम से उन्हें 60 वर्ष की आयु पूरी होने पर पेंशन मिलने की उम्मीद थी तथा उनके बाद पत्नी और बच्चों के भविष्य की सुरक्षा भी इससे जुड़ी थी। संजय का आरोप है कि योजना बंद होने से उन्हें आर्थिक नुकसान हुआ है और वह इसके लिए बैंक कर्मचारियों की कार्यप्रणाली को जिम्मेदार मानते हैं।

बार-बार एक जैसी रिपोर्ट लगाने का आरोप

संजय मौर्य का कहना है कि बैंक के प्रबंधक और फील्ड ऑफिसर बार-बार अपनी रिपोर्ट में यह उल्लेख कर रहे हैं कि उन्होंने पड़ोसियों के बहकावे में आकर स्वयं सुलह-समझौता किया और अटल पेंशन योजना बंद कराई। संजय का सवाल है कि जब उनके प्रार्थना पत्र में इस तरह की बात का उल्लेख नहीं है, तो जांच रिपोर्ट में बार-बार यही निष्कर्ष कैसे दिया जा रहा है? उनका आरोप है कि एक जैसी रिपोर्ट के आधार पर उनकी शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा और उन्हें लगातार गुमराह किया जा रहा है।

पत्नी के साथ कथित दुर्व्यवहार की जांच की मांग

संजय मौर्य ने अपनी पत्नी के साथ कथित दुर्व्यवहार का मामला भी उठाया है। उनका कहना है कि चार वर्षों के दौरान कई बार शिकायत किए जाने के बावजूद कोई जिम्मेदार अधिकारी उनके घर पहुंचकर यह जानने नहीं आया कि उनके परिवार के साथ वास्तव में क्या हुआ। उन्होंने मांग की है कि उनकी पत्नी के साथ हुई कथित घटना की भी निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषियों के विरुद्ध उचित कार्रवाई की जाए।

15 से 20 दिनों में जांच का आश्वासन मिलने का दावा

संजय मौर्य के अनुसार, बैंक के उच्चाधिकारियों की ओर से उन्हें आश्वासन दिया गया था कि एक टीम गठित कर मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और 15 से 20 दिनों के भीतर अधिकारी उनके पास पहुंचेंगे। उनका कहना है कि ऐसे आश्वासन उन्हें पिछले चार वर्षों से मिल रहे हैं, लेकिन अब तक जांच के लिए कोई अधिकारी उनके घर नहीं पहुंचा। हालांकि, इस संबंध में बैंक अधिकारियों का आधिकारिक पक्ष उपलब्ध नहीं हो सका है।

सरकार से नुकसान की भरपाई और न्याय की गुहार

संजय मौर्य ने सरकार एवं संबंधित बैंक अधिकारियों से मांग की है कि अटल पेंशन योजना बंद होने के मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए, उनके कथित आर्थिक नुकसान का आकलन कर उचित राहत दी जाए और उनकी पत्नी के साथ कथित दुर्व्यवहार के मामले में भी न्याय सुनिश्चित किया जाए।

उन्होंने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए बैंक शाखा के सामने आत्मदाह करने की बात कही है। उनका यह बयान उनकी गंभीर मानसिक पीड़ा और लंबे समय से न्याय नहीं मिलने की शिकायत को दर्शाता है। मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित अधिकारियों को तत्काल हस्तक्षेप कर उनकी शिकायत की निष्पक्ष जांच करानी चाहिए।

अब सवाल यह है कि चार वर्षों से शिकायत कर रहे संजय मौर्य को न्याय कब मिलेगा? क्या बैंक के उच्चाधिकारी मामले की वास्तविकता सामने लाकर जिम्मेदारी तय करेंगे, या पीड़ित परिवार को अभी और इंतजार करना पड़ेगा?

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