राम-सुग्रीव की मित्रता और बाली वध का प्रसंग देखकर भावविभोर हुए श्रद्धालु
बलुआ, चंदौली। क्षेत्र स्थित सराय, बलुआ के प्राथमिक विद्यालय परिसर में शनिवार को श्रीरामलीला के सातवें दिन बाली वध, सुग्रीव मित्रता संवाद सहित विभिन्न लीलाओं का मंचन किया गया। कलाकारों की मनमोहक प्रस्तुति देखकर उपस्थित श्रद्धालु भावविभोर हो गए।

मंचन के दौरान वनवास के समय भगवान श्रीराम और लक्ष्मण की भेंट किष्किंधा में सुग्रीव से होती है। सुग्रीव को उसके भाई बाली ने राज्य से निष्कासित कर दिया था। हनुमान जी ने भगवान श्रीराम और सुग्रीव का परिचय कराया। इसके बाद श्रीराम ने सुग्रीव को न्याय दिलाने के लिए बाली का वध किया और उसे उसका राज्य वापस दिलाया। इसके बदले में सुग्रीव ने माता सीता की खोज तथा लंका विजय में भगवान श्रीराम की सहायता करने का वचन दिया। रामायण का यह प्रसंग मित्रता, विश्वास और धर्म की स्थापना का महत्वपूर्ण संदेश देता है।

रामलीला के माध्यम से यह भी दर्शाया गया कि अहंकार, अन्याय और असत्य के मार्ग पर चलने वाले व्यक्ति का अंत निश्चित है। बाली का चरित्र इस बात का संदेश देता है कि शक्ति और सामर्थ्य का दुरुपयोग अंततः विनाश का कारण बनता है।

इस दौरान रामलीला समिति के अध्यक्ष विनय मिश्रा, कोषाध्यक्ष अरविंद सिंह व्यास, महामंत्री भवन सिंह, संजीव सिंह सहित समिति के अन्य पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।