प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया ने विरोध-प्रदर्शनों की कवरेज करने वाले पत्रकारों के लिए कुछ जरूरी दिशानिर्देश जारी किए हैं। इनका मकसद है कि पत्रकार सुरक्षित रहते हुए अपनी जिम्मेदारी निभाएं और रिपोर्टिंग के दौरान पुलिस, मीडिया संस्थानों और पत्रकारों के बीच बेहतर तालमेल बना रहे।
गाइडलाइंस की अहम बातें:
1. प्रेस आईडी साथ रखें: कवरेज के दौरान वैध प्रेस आईडी कार्ड या PIB/DIP कार्ड अपने पास रखें और जरूरत पड़ने पर दिखाएं।
2. पुलिस से सहयोग करें: पुलिस पूछे तो शांति से अपनी पहचान पत्रकार के रूप में बताएं और उसके वैध निर्देशों का पालन करें।
3. निष्पक्ष रहें: प्रदर्शन के दौरान किसी पक्ष का हिस्सा न बनें और पत्रकारिता की निष्पक्षता बनाए रखें।
4. टकराव वाली जगह से दूर रहें: भीड़ और पुलिस के बीच तनाव वाली जगहों से सुरक्षित दूरी बनाए रखें। भीड़ में चलते समय सावधानी बरतें और आसपास के खतरों पर नजर रखें।
5. बाहर निकलने का रास्ता पहले से तय रखें: भीड़ के व्यवहार और शोर में बदलाव पर ध्यान दें। हालात बिगड़ने पर निकलने के लिए सुरक्षित रास्ता पहले से तय रखें।
6. आंसू गैस और धुएं से बचें: ऐसी स्थिति में भीड़ के बीच जाने के बजाय सुरक्षित रास्ते से बाहर निकलें।
7. इमरजेंसी किट साथ रखें: फर्स्ट-एड किट, पानी, टॉर्च, तौलिया और सुरक्षात्मक चश्मा जैसी जरूरी चीजें अपने साथ रखें।
8. सुरक्षा का ध्यान रखें: जरूरत पड़ने पर हेलमेट और बॉडी आर्मर पहनें। प्राथमिक उपचार की बुनियादी जानकारी भी रखें।
9. खतरनाक चीजों को हाथ न लगाएं: आंसू गैस के गोले या फ्लैश-बैंग उपकरणों को छूने से बचें।
10. न्यूजरूम के संपर्क में रहें: रिपोर्टिंग के दौरान अपनी लोकेशन की जानकारी न्यूजरूम को देते रहें। फ्रीलांसर पत्रकार अपनी लोकेशन और लौटने का अनुमानित समय किसी भरोसेमंद व्यक्ति को जरूर बताएं।
11. खबर की पुष्टि करें: तथ्यों और आरोपों में फर्क रखें। खबर देने से पहले कई स्रोतों से पुष्टि करें और सभी पक्षों के दावों की जांच करें।
12. संवेदनशील जानकारी साझा करने में सावधानी बरतें: पुलिस की लाइव लोकेशन या निकासी के रास्तों की जानकारी प्रसारित न करें। नाबालिगों और पीड़ितों की तस्वीरें या वीडियो बनाते समय भी खास सावधानी रखें।
13. एक्सक्लूसिव फुटेज के लिए जोखिम न लें: कोई खास तस्वीर या वीडियो हासिल करने की होड़ में अपनी सुरक्षा को खतरे में न डालें।