उत्तर प्रदेश में अब हर जिले में आयुष मेडिकल कॉलेज खोले जाएंगे, जिसकी घोषणा उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने आयुर्वेद दिवस पर की।
| लखनऊ। प्रदेश में आयुर्वेद शिक्षा और इलाज की सुविधाओं के विस्तार के लिए अब हर जिले में आयुष मेडिकल कालेज खोलने की तैयारी है। आयुर्वेद दिवस पर बुधवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने इसकी घोषणा की। |
कहा कि जिस तरह ‘एक जनपद-एक मेडिकल कालेज की दिशा में काम चल रहा है, उसी तरह आयुर्वेद के क्षेत्र में जिला स्तर पर आयुष चिकित्सा संस्थान का विस्तार किया जाना चाहिए। आयुष क्लीनिकल एस्टेब्लिशमेंट रजिस्ट्रेशन पोर्टल लांच किया गया। इससे आयुष क्लीनिकों और अस्पतालों का पंजीकरण आनलाइन होगा।
उपमुख्यमंत्री कहा कि राष्ट्रीय आयुष मिशन के तहत आयुष हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों (एएचडब्ल्यूसी) और डिजिटल आयुष सेवाओं का तेजी से विस्तार हो रहा है। नए पोर्टल और रजिस्ट्रेशन एप के जरिए आयुष चिकित्सा संस्थानों व क्लीनिकों की पंजीकरण की प्रक्रिया पारदर्शी और आसान होगी।
उन्होंने आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना की सफलता का भी उल्लेख किया। आयुष राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डा.दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’ ने कहा कि आयुर्वेद केवल उपचार की पद्धति नहीं, बल्कि स्वस्थ जीवन जीने की समग्र जीवनशैली है।
जनेश्वर पार्क तक बाइक रैली, तीन पदमश्री सम्मानित
आयुर्वेद दिवस पर ‘स्वस्थ भविष्य के लिए आयुर्वेद’ संदेश के साथ 1090 चौराहे से जनेश्वर मिश्र पार्क तक बाइक रैली निकाली गई। उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने कहा कि भारतीय रसोई में इस्तेमाल होने वाले कई पारंपरिक मसाले और खाद्य पदार्थ बेहतर स्वास्थ्य से जुड़े हैं। स्वस्थ जीवनशैली के लिए आयुर्वेद का संदेश अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने पर जोर दिया। कार्यक्रम में पद्मश्री प्रो. मनोरंजन साहू, पद्मश्री प्रो. चंद्रशेखर सिंह और पद्मश्री प्रो. केके ठकराल को सम्मानित किया गया।
प्रमुख सचिव आयुष रंजन कुमार ने कहा कि आयुर्वेद शरीर और मन के साथ जीवनशैली व पर्यावरण को भी स्वास्थ्य का आधार मानता है। कार्यक्रम में महानिदेशक आयुष एवं निदेशक आयुष मिशन गौरी शंकर प्रियदर्शी, विशेष सचिव मदन सिंह गर्ब्याल, होम्योपैथी निदेशक प्रमोद कुमार सिंह और यूनानी निदेशक प्रो. जमाल अख्तर समेत कई अधिकारी व शिक्षक मौजूद रहे।