• पत्राचार कार्यालय
    अजगरा तारगांव चहनिया टांडा कला चंदौली-221115 उत्तर प्रदेश
  • संपादकीय कार्यालय
    भीटारी, लोहता, 221107 वाराणसी उत्तर प्रदेश
  • 9454193605, 7007988527
  • Trending गंगा प्रहरी से विख्यात दर्शन निषाद नें बताया स्कंदपुराण में लिखा है शिव जी का आनंद वन यही है,जंहा मैंने शिवलिंग रखा है
  • ANAND KUMAR - 08 Jun 2026

गंगा में मछुआरे के जाल में फंसा विशालकाय शिवलिंग मिलना पूरे विश्व को चकित किया*


गंगा प्रहरी से विख्यात दर्शन निषाद नें बताया स्कंदपुराण में लिखा है शिव जी का आनंद वन यही है,जंहा मैंने शिवलिंग रखा है


गंगा नदी में विशालकाय शिवलिंग मांझीयो के जाल में फंसा सुनील मांझी पुत्र स्वर्गीय राजेंद्र मांझी, जितेन्द्र साहनी पुत्र रामचंद्र साहनी, बाबु साहनी पुत्र किशोर साहनी, गंगा मांझी पुत्र स्वर्गीय बल्लू मांझी, आकाश साहनी पुत्र राजा साहनी, मंगरू मांझी पुत्र स्वर्गीय मेघनाथ निषाद,जोगिंदर पुत्र स्वर्गीय सुख्खू मांझी महाजाल से मछली पकड़ रहे थे संयोग से सूजाबाद, वाराणसी गंगा नदी किनारे फंस गई विशाल शिवलिंग स्थानीय लोगों की मदद से बाहर निकाला गया कौतुहल का विषय बना, देखने वालों का तांता लगा हुआ है, यह प्राचीन ढाई हजार साल पुराना लग रहा है, संत महात्माओं ने कहा कि इसप्रकार की शिवलिंग गंगा पार किसी मंदिर में नहीं हैं, यह साक्षात शिव है लोगों का कहना है कि अँग्रेजी शासनकाल में ही यह किसी ने मान्यताओं के अनुसार गंगा में रखा जो आजतक गंगा और शिव पूजे जाते है, गंगा मंदिर के पुजारी लालबाबू निषाद नें अपने संरक्षण में शिवलिंग माँ गंगा मंदिर में अस्थायी रखा दिया क्योंकि लोग पुनः पानी में डालना चाहते थे, मंदिर में रखने से पूजा-अर्चना चालू हो गया है, सूचना मिलते ही जिला परियोजना अधिकारी चंदौली दर्शन निषाद मौका मुआयना कर कहा कि पुरातात्विक अनुसंधान संस्थान के वैज्ञानिकों द्वारा ही सही जानकारियां दे पायेगे, लेकिन स्कंदपुराण में शिव जी का आनंद वन इसी पार है जहाँ शिवलिंग रखा गया है, शिवलिंग मिलना अद्भुत है, देखने से लग रहा है कि केवल स्पर्शमात्र से ही सातोजन्म का पाप कट जाएगा, आखें चमक जा रही है, लेकिन हर्षोल्लास से पूजा-अर्चना चालू है, मान्यता तो भगवान अवधूत राम को ही धरती का पहला साक्षात शिव कहा जाता है, और अपने दूसरे रूप में विराजमान हैं,इसका ख़बर क्षेत्रों में आग की तरह फैल गई है लोग माँ गंगा महादेव शिव जी का वास्तविक मिलन बता रहे हैं, कौशलेश तिवारी , लालबाबू निषाद मांझीयों के संग गंगा मंदिर में रखने की ईच्छा जाहिर कर उठाकर किनारे से ऊपर लाया,

और बन गया श्रद्धा,आस्था और विश्वास का केंद्र जहाँ लोगों का दर्शन करने वालों का तांता लग रहा है।

Like This Post? Related Posts
Recent Comments
Leave a Comment