गंगा दशहरा पर हजारों श्रद्धालुओं ने मां गंगा की गोद में आस्था की डुबकी लगाई , । क्षेत्र स्थित, बलुआ पश्चिम वहिनी गंगा तट पर ज्येष्ठ मास, शुक्ल पक्ष दशमी तिथि, मंगलवार को गंगा दशहरा के पावन पर्व पर अल सुबह से ही आस्थावानो ने मां गंगा की गोद में डुबकी लगाकर धन-धन्य हुए। इस अवसर पर दूर दराज जनपदों और शहरो ग्रामीण अंचलों से श्रद्धालुओं का रेला गंगा तट पर उमड़ने लगा जो देर शाम तक स्नान दान का कार्य चलता रहा। मान्यता, है महाराज भगीरथ ने तपस्या कर मां गंगा को धरती पर लाया और भागीरथ ने ब्रह्मा जी कहां प्रभु आपसे मैं कुछ मांगना चाहता हूं ब्रह्मा जी ने कहा मांगो मैं एक उद्देश्य के लिए कल्याण चाहता हूं मेरा दो मकसद है। पहला, पूर्वजों की मुक्ति के लिए गंगाजल चाहिए दूसरा, वैश्य, आगे बढ़ाने के लिए पुत्र चाहिए कहा जाता है कि गंगा की धार तेज गति होती है। महादेव अपनी जटाओ में समाहित कर दिया। यह त्योहार भारतीय संस्कृति में मां गंगा को जीवन दाहिनी मोक्षदायनी और श्रद्धा का केंद्र माना गया है। जेस्ठ मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि जिसे गंगा दशहरा के रूप में मनाते हैं, वहीं पावन अवसर है, जब स्वर्ग से मां गंगा का पृथ्वी पर अवतरण हुआ था । माना जाता है, इस दिन मां गंगा पापों का नाश करती है और सुख समृद्धि का आशीर्वाद देती है ।श्रद्धालुओं ने स्नान कर भिच्छुओं को अन्न वस्त्र दान किया एवं महिलाओं ने इस अवसर पर गंगा स्नान कर मंदिरों में पूजा पाठ कर मां गंगा की आरती उतारी साथ ही कुंवारी कन्याओं ने माता तुलसी के पौधे को गंगा में प्रवाहित कर स्नान दान पूजा अर्चना किया। गंगा दशहरा के दिन बाजारों में काफी चहल-पहल देखी गई फलों की दुकान पर लोक फल फूल माला की जमकर खरीदारी किया जहां फलों के दाम आसमान छू रहे हैं फलों में दशहरी आम खरीदारी की जाती है । जो कहा जाता है कि आम फलों का राजा है। श्रद्धालुओं के स्नान हेतु पुलिस ने चाक चौबंद व्यवस्था देखी गई घाट पर वाहनो के आवागमन पर प्रतिबंध व बैरियर लगाकर रुक जाने की व्यवस्था की गई थी इस दौरान, बलुआ थाना अध्यक्ष अरुण कुमार सिंह फोर्स के साथ निगरानी करते रहे और अपनी भूमिका निभाई।