आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर हुआ पंडाल, हर-हर महादेव से गूंजा वातावरण
गाजीपुर/सैदपुर। बूढ़ेनाथ महादेव मे चल रही श्रीराम कथा के पावन अवसर पर उस समय अद्भुत और अलौकिक दृश्य देखने को मिला, जब मंच पर दो महान संतों का संगम हुआ। जैसे ही जगतगुरु सतीशशा जी महाराज कथा स्थल पर पहुंचे, कथावाचक आचार्य श्री शांतनु महाराज ने उनका विधिवत स्वागत किया। इस दौरान पूरा कथा पंडाल भक्तिभाव में डूब गया और श्रद्धालुओं की आंखों में आस्था का सागर उमड़ पड़ा।

मंच पर जब दो महान संत, दो विद्वान कथावाचक और धर्म-आध्यात्मिक जगत की विभूतियां एक साथ उपस्थित हुईं, तो वातावरण पूर्णतः भक्तिमय हो गया। श्रद्धालुओं ने एक स्वर में “जय श्रीराम” और “हर-हर महादेव” के गगनभेदी जयकारे लगाए, जिससे पूरा पंडाल गूंज उठा। ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो स्वयं श्री राम और भगवान शिव की दिव्य उपस्थिति वहां अनुभव की जा रही हो।

इस पावन अवसर पर दोनों संतों ने धर्म, भक्ति और सनातन संस्कृति के महत्व पर अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि जब-जब संतों का संगम होता है, तब-तब समाज को नई दिशा और ऊर्जा प्राप्त होती है। कथा स्थल पर उपस्थित श्रद्धालुओं ने इस अद्भुत क्षण को अपने जीवन का सौभाग्य बताया और देर तक भक्ति रस में डूबे रहे।

पूरे कार्यक्रम के दौरान श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा का ऐसा संगम देखने को मिला, जिसने हर किसी के हृदय को भावविभोर कर दिया।