निष्पक्ष धारा/,रिपोर्टर आनन्द कुमार, सकलडीहा
सकलडीहा (चंदौली): उत्तर प्रदेश में स्मार्ट मीटर को लेकर उपजा विवाद अब आंदोलनों का रूप लेने लगा है। चंदौली जनपद के सकलडीहा पावर हाउस पर 9 मार्च 2026 से भारतीय किसान मजदूर संयुक्त यूनियन का अनिश्चितकालीन धरना जारी है। वाराणसी युवा मंडल अध्यक्ष पिंटू पाल के नेतृत्व में किसान अपनी मांगों को लेकर अड़े हुए हैं, जिससे प्रशासन और बिजली विभाग की चिंताएं बढ़ गई हैं।
धरने के मुख्य बिंदु और किसानों की मांगें:
किसानों ने मुख्य रूप से दो समस्याओं पर सरकार को घेरा है:
स्मार्ट मीटर की वापसी: किसानों का आरोप है कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद बिजली बिल में 5 से 6 गुना की भारी वृद्धि हुई है।
बंदरों का आतंक: फसलों को नुकसान पहुँचा रहे बंदरों को पकड़वाकर जंगलों में छोड़ने की मांग।
मुआवजा: बंदरों द्वारा नष्ट की गई फसलों के लिए जिलाधिकारी से उचित मुआवजे की अपील।
"गरीबों की कमाई पर डाका डाल रही सरकार" - पिंटू पाल
धरने को संबोधित करते हुए पिंटू पाल ने तीखे तेवर अपनाए। उन्होंने कहा:
"स्मार्ट मीटर के नाम पर भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी का बड़ा खेल चल रहा है। करोड़ों के ठेके बांटकर गरीबों की गाढ़ी कमाई पर डाका डाला जा रहा है। अगर सरकार ने जल्द ही घर-घर से स्मार्ट मीटर हटाने और गलत रीडिंग पर रोक लगाने का फैसला नहीं किया, तो यह आंदोलन जनपद से निकलकर पूरे प्रदेश में फैलेगा।"
UPPCL का पक्ष बनाम जनता का आक्रोश
एक तरफ जहाँ उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (UPPCL) इन मीटरों को बिजली चोरी रोकने और पारदर्शिता लाने के लिए "जनहितकारी" बता रहा है, वहीं ज़मीनी हकीकत इसके उलट दिख रही है। उपभोक्ताओं में बढ़ती नाराजगी ने अब इसे एक राजनीतिक और सामाजिक मुद्दा बना दिया है।
धरने में शामिल प्रमुख चेहरे
इस प्रदर्शन में भारी संख्या में किसान एकजुट हुए हैं, जिनमें मुख्य रूप से निम्नलिखित नेता शामिल रहे:
शेषनाथ यादव ,दीनानाथ श्रीवास्तव,विजयकांत पासवान 'गुड्डू',मोहन यादव,अखिलेश यादव 'गोलू'
रणविजय यादव, किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर तत्काल विचार नहीं किया गया, तो आंदोलन उग्र रूप धारण करेगा। अब देखना यह है कि प्रशासन वार्ता के जरिए समाधान निकालता है या यह विरोध प्रदर्शन प्रदेशव्यापी आंदोलन की चिंगारी बनता है।