- Bureau Report-Sushil Kumar-Prayagraj
खाकी की घोर लापरवाही: फूलपुर में खून के प्यासे हुए मनबढ़, पुलिस की सुस्ती से दबंग दे रहे जान से मारने की धमकी
- इंसानियत शर्मसार: गगौर गांव में चंद गज जमीन के लिए बहा खून, सिस्टम की नाकामी ने पीड़ित परिवार को खौफ में जीने पर किया मजबूर
प्रयागराज (क्राइम डेस्क): लालच इंसान को किस कदर अंधा और वहशी बना सकता है, इसकी एक खौफनाक और दिल को झकझोर देने वाली तस्वीर प्रयागराज से सामने आई है। फूलपुर थाना क्षेत्र के गगौर गांव में चंद गज जमीन के टुकड़े ने लोगों को एक-दूसरे के खून का प्यासा बना दिया है। यहाँ एक विवादित जमीन पर कब्जे को लेकर दबंगों ने दिनदहाड़े खूनी खेल खेला और निहत्थे परिवार पर लाठी, फावड़े और कुल्हाड़ी से जानलेवा हमला कर दिया। इस घटना ने जहाँ एक ओर इंसानियत को शर्मसार किया है, वहीं दूसरी ओर स्थानीय प्रशासन की घोर लापरवाही और पंगु हो चुकी कानून-व्यवस्था की पोल खोल कर रख दी है।
वकील के वेश में आए 'मौत के सौदागर'
पीड़ित अंजू देवी (पत्नी संता कुमार) के अनुसार, विवादित जमीन पर अचानक कुछ लोग वकील की ड्रेस पहनकर आ धमके और जबरन मकान की छत डालने लगे। जब अंजू देवी और उनके परिवार वालों ने अपने हक की आवाज उठाई और इस अवैध निर्माण को रोकने की कोशिश की, तो मनबढ़ों ने हैवानियत की सारी हदें पार कर दीं।
खून के प्यासे इन गुंडों ने परिवार पर लाठी-डंडों, फावड़े और कुल्हाड़ी से अंधाधुंध हमला कर दिया। इस बर्बर हमले में अंजू देवी के सिर पर गंभीर चोटें आई हैं और वे बुरी तरह लहूलुहान हो गईं। इसके अलावा उनके परिवार के अन्य सदस्यों को भी शरीर पर कई जगह गहरी चोटें आई हैं।
प्रशासन की लापरवाही और पुलिस का खोखला आश्वासन
दिनदहाड़े हुई इस गुंडागर्दी के बाद जब खून से लथपथ पीड़ित परिवार न्याय की आस में फूलपुर थाने पहुँचा, तो उन्हें सिर्फ पुलिसिया कार्रवाई का लॉलीपॉप थमा दिया गया। पुलिस ने प्रार्थना पत्र लेकर रिपोर्ट दर्ज करने और कार्रवाई करने की बात तो कही है, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है।
प्रशासन की सुस्ती और घोर लापरवाही का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जानलेवा हमला करने वाले दबंग अब भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। उल्टे, वे खुलेआम घूम रहे हैं और अंजू देवी के परिवार को जान से मारने की धमकियां दे रहे हैं। पीड़ित परिवार खौफ के साए में जीने को मजबूर है और पुलिस गहरी नींद में सो रही है।
कड़ी कार्रवाई की मांग
गगौर गांव की इस दिल दहला देने वाली घटना की जितनी निंदा की जाए, वह कम है। जब रक्षक ही मूकदर्शक बन जाएं, तो आम आदमी न्याय के लिए कहाँ जाए? हम इस अमानवीय कृत्य की कड़े शब्दों में निंदा करते हैं और शासन-प्रशासन से यह सख्त मांग करते हैं कि इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप किया जाए। इन खौफनाक मनबढ़ों और दबंगों की तुरंत गिरफ्तारी हो और उन पर कड़ी से कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके और इलाके में कानून का खौफ दोबारा कायम हो।