- एमएलसी विशाल सिंह चंचल ने दी 5 लाख की सहायता, न्याय का भरोसा
- वर्चस्व की रंजिश में दिनदहाड़े छात्र को मारी गई चार गोलियां**
वाराणसी/गाजीपुर:
वाराणसी के प्रतिष्ठित उदय प्रताप (यूपी) कॉलेज में शुक्रवार को हुए सनसनीखेज हत्याकांड ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया। गाजीपुर जनपद के दुबैठा गांव निवासी बीएससी द्वितीय वर्ष के छात्र सूर्य प्रताप सिंह (20) की उसके ही सहपाठी मंजीत चौहान ने दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी। बताया जा रहा है कि दोनों के बीच पुरानी रंजिश चल रही थी। घटना के दिन प्रिंसिपल द्वारा समझाने के बाद जैसे ही दोनों छात्र बाहर निकले, आर्ट्स फैकल्टी के पास आरोपी ने अपने साथी अनुज के साथ मिलकर सूर्य प्रताप को घेर लिया और ताबड़तोड़ चार गोलियां दाग दीं। गोली लगते ही छात्र जमीन पर गिर पड़ा और मौके पर ही उसकी मौत हो गई।
घटना के बाद कॉलेज परिसर में अफरा-तफरी मच गई और आक्रोशित छात्रों ने जमकर बवाल काटा। आरोपी की बाइक को क्षतिग्रस्त कर दिया गया और परिसर में तोड़फोड़ की गई। छात्रों ने भोजूबीर बाजार बंद कराकर धरना प्रदर्शन भी किया और आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। मौके पर पहुंचे पुलिस अधिकारियों ने स्थिति को नियंत्रित किया। वाराणसी पुलिस ने देर शाम मुख्य आरोपी मंजीत चौहान को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि उसके फरार साथी की तलाश जारी है। इस घटना के बाद कॉलेज प्रशासन और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।
मृतक सूर्य प्रताप सिंह एक साधारण परिवार से ताल्लुक रखता था। उसके पिता ऋषि देव सिंह वाराणसी के एक विद्यालय में वाहन चालक हैं, जबकि माता किरण सिंह वहीं वार्डन रह चुकी हैं। सूर्य प्रताप अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था और परिवार की सारी उम्मीदें उसी से जुड़ी थीं। हाल ही में वह होली के अवसर पर अपने गांव गया था, लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि यह उसकी आखिरी होली होगी।
इसी बीच, एमएलसी विशाल सिंह चंचल मृतक के घर पहुंचे और शोक संतप्त परिवार से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया। उन्होंने अपनी ओर से 5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की। इस दौरान जिलाधिकारी अविनाश कुमार और पुलिस अधीक्षक ईराज राजा भी मौजूद रहे। एमएलसी ने परिजनों को आश्वस्त करते हुए कहा कि इस जघन्य हत्या के दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाया जाएगा।
इस हृदयविदारक घटना के बाद दुबैठा गांव सहित पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है। एक मां ने अपना इकलौता बेटा खो दिया, वहीं एक पिता की बुढ़ापे की लाठी छिन गई। गांव और शहर दोनों जगह सन्नाटा पसरा हुआ है और हर कोई इस दर्दनाक घटना से स्तब्ध है।