रिर्पोट-शैलेन्द्र दुबे,केराकत,जौनपुर
जौनपुर (केराकत): उत्तर प्रदेश में जहाँ एक ओर 'विकास की गंगा' बहने के दावे किए जा रहे हैं, वहीं जनपद जौनपुर के थानागद्दी क्षेत्र स्थित ग्राम सभा सोहनी के ग्रामीण आज भी बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं। बदहाल रास्तों से आजिज आकर ग्रामीणों ने अब आर-पार की लड़ाई का मन बना लिया है और स्पष्ट नारा दिया है— "रोड नहीं तो वोट नहीं"।
10 वर्षों से नहीं हुआ मरम्मत कार्य
ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले 10 वर्षों से इस मुख्य मार्ग पर कोई सुध लेने वाला नहीं है। ऊबड़-खाबड़ रास्तों और पगडंडियों के सहारे ग्रामीण जीवन जीने को मजबूर हैं। पूर्व प्रधान श्याम लाल विश्वकर्मा, संतोष कुमार सिंह और दुर्गा प्रसाद शुक्ला सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि सड़क की हालत इतनी खस्ता है कि आए दिन बाइक और साइकिलें खराब होती रहती हैं, जिससे आर्थिक बोझ भी बढ़ रहा है।
छात्रों और बुजुर्गों की बढ़ी मुश्किलें
लगभग 5000 से अधिक की आबादी वाले इस गांव से प्रतिदिन 20 से 25 कॉलेज बसें गुजरती हैं। सड़क न होने के कारण छात्रों को 2 से 3 किलोमीटर का सफर ऊबड़-खाबड़ रास्तों पर तय करना पड़ता है। बुजुर्गों और मरीजों के लिए यह रास्ता किसी दुस्वप्न से कम नहीं है।
मुख्यमंत्री से न्याय की गुहार
ग्रामीणों ने माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को संबोधित करते हुए मांग की है कि इस गांव की सुध ली जाए। अजय सरोज, पिंटू प्रजापति, राहुल सरोज, शक्ति यादव और बड़कू विश्वकर्मा जैसे जागरूक ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द ही सड़क निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ, तो वे आगामी चुनावों का पूर्ण बहिष्कार करेंगे।