मिर्जामुराद (वाराणसी)।
वाराणसी-प्रयागराज हाईवे स्थित ठटरा पुलिस चौकी के अंतर्गत गुड़िया गांव में बीती रात शरारती तत्वों ने दो सगे भाइयों की पराली में आग लगा दी। इस घटना में पशुओं के साल भर के चारे का इंतजाम जलकर राख हो गया, जिससे पीड़ित किसान परिवार के सामने आजीविका का संकट खड़ा हो गया है।
क्या है पूरा मामला?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, गुड़िया गांव के निवासी तारा शंकर बिंद और संकठा प्रसाद बिंद (पुत्र पंचम राम बिंद) ने नेशनल हाईवे पर स्थित प्रोजेक्ट माला स्कूल के पीछे अपनी पाही (डेरा) बना रखी है। किसानों ने आगामी महीनों में पशुओं के खिलाने के लिए पराली की तीन बड़ी गांज (ढेर) सुरक्षित रखी थी। बीती रात अज्ञात शरारती तत्वों ने इस पराली में आग लगा दी। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया और सब कुछ जलकर खाक हो गया।
महंगाई और बेमौसम संकट से किसान हताश
पीड़ित किसान तारा शंकर बिंद ने बताया कि इस भीषण महंगाई के दौर में पशुपालन पहले ही मुश्किल हो गया है। अभी गेहूं की फसल तैयार होने में समय है, ऐसे में पशुओं के लिए यही पराली एकमात्र सहारा थी। किसानों का कहना है कि "हमने बड़ी मेहनत से इसे इकट्ठा किया था, लेकिन अराजक तत्वों की करतूत ने हमें कहीं का नहीं छोड़ा। अब पशुओं को क्या खिलाएंगे, यह बड़ी चिंता का विषय है।"
क्षेत्र में आक्रोश
घटना के बाद से क्षेत्र के किसानों में रोष व्याप्त है। ग्रामीणों ने स्थानीय पुलिस प्रशासन से मांग की है कि ऐसे शरारती तत्वों को चिन्हित कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में किसी अन्य किसान का नुकसान न हो।