REPORTER-RAVI MISHRA,MACHHALI SAHAR,JAUNPUR
अन्नदाता के अरमानों पर फिरा ट्रैक्टर: बघेन्द्रा में खड़ी फसल रौंदकर खींचे जा रहे हाई वोल्टेज तार, विरोध में जमीन पर जज सिंह अन्ना के साथ रौदी गई फसल पर खेत में लेटीं महिलाएं और पुरुष
जौनपुर (धर्मापुर)। जनपद के धर्मापुर ब्लॉक अंतर्गत बघेन्द्रा (दशरथा) गाँव में उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन की संवेदनहीनता के खिलाफ किसानों का आक्रोश फूट पड़ा है। हाई वोल्टेज बिजली के तार बिछाने के नाम पर विभाग द्वारा लहलहाती खड़ी फसलों के बीच भारी मशीनों और ट्रैक्टरों का ताण्डव मचाया जा रहा है, जिससे सैकड़ों एकड़ फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई है। विरोध स्वरूप सामाजिक कार्यकर्ता जज सिंह अन्ना के नेतृत्व में गाँव की महिलाएं और पुरुष अपनी फसलों को बचाने के लिए खेतों में ही जमीन पर लेट गए।
न मुआवजा, न सूचना; सिर्फ बर्बादी
ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन ने न तो कोई पूर्व सूचना दी और न ही किसी प्रकार के मुआवजे की बात की। भारी ट्रैक्टरों और मशीनों द्वारा खड़ी फसल को कुचला जा रहा है। सबसे ज्यादा संकट उन गरीब किसानों पर है जिन्होंने 'अधिया' (बटाई) पर जमीन लेकर मेहनत से फसल उगाई थी। किसानों ने रोते हुए कहा, "यह काम गर्मी में हो सकता था जब खेत खाली रहते हैं, लेकिन अधिकारियों ने फसल कटने तक का इंतजार नहीं किया। अब हमारे बच्चे क्या खाएंगे?"

पुलिस के साये में 'पावर' का प्रहार
आरोप है कि जब किसानों ने अपनी आजीविका को बचाने का प्रयास किया, तो स्थानीय पुलिस को बुलाकर उन्हें डराया-धमकाया गया। विभाग पुलिस की मदद से जबरन फसलों को रौंदते हुए तारों की खिंचाई कर रहा है। प्रशासन के इस अमानवीय रवैये से पूरे क्षेत्र में तनाव व्याप्त है। 28 फरवरी को जिलाधिकारी जौनपुर को ज्ञापन और सूचना दिया गया लेकिन कोई कार्यवाही नहीं हुई
'करो या मरो' की स्थिति में किसान
जज सिंह अन्ना के नेतृत्व में प्रदर्शनकारी महिलाओं पुरूषों ने दो टूक चेतावनी दी है कि यदि उनकी मेहनत को इसी तरह रौंदा गया, तो वे बड़े आंदोलन के लिए विवश होंगी। अन्नदाता का कहना है कि फसल बर्बाद होने का मतलब है पूरे परिवार का भूखों मरना। ऐसे में किसान अब 'करो या मरो' के संकल्प के साथ अपनी जमीन बचाने के लिए मैदान में उतर चुके हैं। क्षेत्र की जनता ने जिलाधिकारी से तत्काल हस्तक्षेप कर मुआवजे और काम रोकने की मांग की है।