कोर्ट ने दिव्यांग अभ्यर्थियों के एमबीबीएस प्रवेश से संबंधित एक मामले में दिशा स्पष्ट की है। कहा कि, सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी वैध दिव्यांगता प्रमाण पत्र में दर्ज दिव्यांगता के प्रतिशत को एनएमसी के मेडिकल असेसमेंट बोर्ड द्वारा दोबारा
हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने दिव्यांग अभ्यर्थियों के एमबीबीएस प्रवेश से संबंधित एक मामले में दिशा स्पष्ट की है। कहा कि, सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी वैध दिव्यांगता प्रमाण पत्र में दर्ज दिव्यांगता के प्रतिशत को एनएमसी के मेडिकल असेसमेंट बोर्ड द्वारा दोबारा निर्धारित नहीं किया जा सकता। बोर्ड को सिर्फ इतना जांचने का अधिकार है कि अभ्यर्थी उचित सुविधा और सहायक तकनीक के साथ एमबीबीएस पाठ्यक्रम पूरा करने में सक्षम है अथवा नहीं। न्यायमूर्ति शेखर बी. सराफ और न्यायमूर्ति अबधेश कुमार चौधरी की खंडपीठ ने शुभम मिश्रा, सौरभ राणा और गुलफाम अहमद की ओर से दाखिल तीन याचिकाओं पर एक साथ सुनवायी करते हुए, यह निर्णय दिया है।
न्यायालय ने मेडिकल असेसमेंट बोर्ड और अपीलीय मेडिकल असेसमेंट बोर्ड द्वारा जारी उन निष्कर्षों को रद्द कर दिया, जिनमें अभ्यर्थियों को पीडब्ल्यूबीडी आरक्षण के लिए अयोग्य बताया गया था। न्यायालय ने याचियों को नीट-यूजी 2026 की शेष काउंसलिंग में पीडब्ल्यूबीडी आरक्षित श्रेणी के योग्य अभ्यर्थी के रूप में शामिल करने का निर्देश दिया है।
- यूपी में फर्जी प्रमाण पत्र के सहारे एमबीबीएस में नामांकन, पूर्णिया में एक्टिव रहा है फर्जीवाड़ा गैंग
यूपी में फर्जी प्रमाण पत्र के सहारे एमबीबीएस में नामांकन कराने वाले गिरोह का खुलासा हुआ है। गिरोह का पूर्णिया कनेक्शन की बात सामने आ रही है। हालांकि मामले में शहर के शिवपुरी मुहल्ले के जिस कथित शख्स की बात सामने आ रही है, उसको पहचानने से फिलहाल स्थानीय लोग इंकार कर रहे हैं। यूपी के मामले की अभी तक स्थानीय पुलिस को भी खबर नहीं है। सदर वन एसडीपीओ अभिनव पराशर ने बताया कि पूर्णिया पुलिस को अभी इस विषय में कोई जानकारी नहीं है। परन्तु सच्चाई यह भी है कि परीक्षा में नकल कराने से लेकर फर्जी प्रमाण पत्रों से नामांकन कराने का गिरोह जिले में एक्टिव रहा है।
पूर्णिया के राज्यकीय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में हाल के दिनों में संदिग्ध प्रमाण पत्रों के सहारे एमबीबीएस में दाखिला लेने वाले आए कुछ छात्रों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इससे पहले तत्कालीन एसपी कार्तिकेय शर्मा के समय पुलिस ने गुलाबबाग में एसएससी की ओर से आयोजित एमटीएस की परीक्षा में फर्जीवाड़े का बड़ा खुलासा किया था। मामले में सेन्टर संचालक से लेकर एसएससी के कुछ कर्मियों की संलिप्तता सामने आई थी। पुलिस ने मामले में कई आरोपियों को गिरफ्तार किया था एवं फर्जीवाड़े के लिए प्रयुक्त डिवाइसों को जब्त किया था।