चंदौली। चहनिया विकासखंड के खड़ेहरा ग्रामसभा अंतर्गत जलालपुर गांव में वर्षों से जर्जर सड़क और नाली की सफाई न होने से ग्रामीणों में भारी नाराजगी देखने को मिली। ग्रामीणों का आरोप है कि करीब 150 मीटर लंबी नाली की वर्षों से सफाई नहीं होने के कारण गंदा पानी सड़क पर बह रहा है, जिससे लोगों का आवागमन मुश्किल हो गया है।

ग्रामीणों के अनुसार आरसीसी सड़क के लगभग 100 मीटर हिस्से पर कीचड़ जमा रहता है। सबसे अधिक परेशानी स्कूल जाने वाले बच्चों को होती है, जो रोजाना इस कीचड़ से होकर गुजरते हैं और कई बार फिसलकर गिर भी जाते हैं। ग्रामीणों ने बताया कि जल जीवन मिशन (हर घर नल योजना) के तहत सड़क की खुदाई की गई थी, लेकिन बाद में सड़क की समुचित मरम्मत नहीं कराई गई। इससे सड़क और भी बदहाल हो गई है।
क्षेत्र पंचायत सदस्य राजेश यादव ने बताया कि सफाईकर्मी गांव में आते हैं और अन्य स्थानों की सफाई करते हैं, लेकिन लगभग 150 मीटर लंबी नाली का ढक्कन नहीं खुल पाने के कारण वर्षों से उसकी सफाई नहीं हो सकी। इसी वजह से आज यह स्थिति उत्पन्न हुई है।

ग्रामीण अखिलेश यादव ने कहा कि गांव में केवल सड़क और नाली ही नहीं, बल्कि कई अन्य समस्याएं भी वर्षों से बनी हुई हैं, जिनका अब तक समाधान नहीं हो सका है। वहीं डबल यादव ने आरोप लगाया कि संबंधित अधिकारियों को कई बार समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन आज तक धरातल पर कोई ठोस कार्य नहीं हुआ।

पिंटू यादव ने बताया कि आवागमन में हो रही परेशानी को देखते हुए गांव के लोगों ने आपस में चंदा एकत्र कर अस्थायी रास्ता तैयार किया, ताकि लोगों का आना-जाना संभव हो सके। ग्रामीण कन्हैया यादव ने बताया कि बरसात के दौरान सरकारी विद्यालय परिसर में गंदा पानी भर जाता है, जिससे छात्रों और शिक्षकों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।

रंजीत यादव ने कहा कि स्थानीय विधायक को कई बार इस समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिला, समस्या का समाधान नहीं हुआ। छात्र नेता सौरभ यादव ने सरकार और प्रशासन से मांग की कि गांव की वर्षों पुरानी समस्याओं का जल्द से जल्द स्थायी समाधान कराया जाए, ताकि ग्रामीणों को राहत मिल सके।

इस संबंध में ग्रामसभा अधिकारी प्रेम कनौजिया ने बताया कि गांव की सभी समस्याओं के समाधान के लिए प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि बुधवार को स्वयं गांव पहुंचकर स्थिति का निरीक्षण करेंगे और आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित कराई जाएगी।